
वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को अमेरिका के सेवानिवृत्त जनरलों, सुरक्षा विशेषज्ञों और थिंक टैंकों ने मध्य पूर्व में ऐतिहासिक सैन्य सफलता करार दिया है। व्हाइट हाउस ने रविवार को इन बयानों की पूरी सूची जारी की, जिसमें ईरान की सत्ता को कमजोर करने और कड़ा संदेश देने पर जोर दिया गया।
सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल कीथ केलॉग ने अभियान के विशाल पैमाने और सफल क्रियान्वयन की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने शानदार काम किया।’ जैक कीन ने इसे सोची-समझी और दूरगामी रणनीति बताया।
रोनाल्ड रीगन इंस्टीट्यूट के रोजर जैकहाइम के अनुसार, ईरान पर हमलों ने क्षेत्रीय समीकरण बदल दिए और अमेरिका को मजबूत बनाया। यह 47 वर्षों की सबसे प्रभावी कार्रवाई है।
यॉर्कटाउन इंस्टीट्यूट के सेठ क्रॉप्सी ने कहा कि हमलों ने ईरान के मूल तत्वों – धर्माधारी शासकों, बैलिस्टिक मिसाइलों और कमांड सिस्टम को निशाना बनाया, जिससे सरकार बुरी तरह कमजोर हुई। यह रणनीतिक पतन का मार्ग प्रशस्त करता है।
फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के मार्क डुबोविट्ज ने ट्रंप को खामेनेई की क्षमताओं को नष्ट करने वाला एकमात्र बताया। मियाद मालेकी ने उन्हें ईरानी जनता के हितैषी कहा।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इसे आतंक प्रायोजक के खिलाफ आवश्यक कदम माना। पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने पश्चिमी सभ्यता की रक्षा का श्रेय दिया। नफ्ताली बेनेट ने चेतावनी दी, ‘ट्रंप से भिड़ना मत।’ ह्यूग हेविट ने भाषण को दृढ़ बताया।
ये बयान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को वैश्विक सुरक्षा में मील का पत्थर बनाते हैं।