
नई दिल्ली में 28 फरवरी की देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। पश्चिम एशिया में ईरान पर हवाई हमलों और उसके बाद तेज होते तनाव की गहन समीक्षा की गई, जिसमें खाड़ी देशों में हुई घटनाओं को भी शामिल किया गया।
बैठक में समिति को क्षेत्र में व्याप्त अस्थिरता की पूरी जानकारी दी गई। सबसे बड़ी चिंता लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर व्यक्त की गई, जो इन संवेदनशील इलाकों में रहते हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र से गुजरने वाले भारतीय यात्रियों और परीक्षाओं के लिए गए छात्रों की परेशानियों पर भी विचार किया गया।
क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था, आर्थिक गतिविधियों और व्यापारिक हितों पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों की विस्तृत चर्चा हुई। सीसीएस ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रभावित भारतीयों की सहायता के लिए तत्काल और हरसंभव कदम उठाएं, जिसमें निकासी, चिकित्सा और सूचना सहायता शामिल हो।
समिति ने संघर्ष विराम और कूटनीतिक वार्ता के माध्यम से शीघ्र समाधान पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की, जिसमें हालिया घटनाओं पर भारत की चिंताओं से अवगत कराया तथा नागरिक सुरक्षा पर जोर दिया।
रविवार को यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से भी चर्चा हुई। हमलों में हुई क्षति पर संवेदना जताई गई तथा भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए धन्यवाद दिया। भारत ने तनाव कम करने और क्षेत्रीय शांति के पक्ष में अपना समर्थन दोहराया।
यह बैठक भारत की सक्रिय नीति को दर्शाती है, जो अपने नागरिकों की रक्षा के साथ वैश्विक स्थिरता का भी पक्ष लेती है।