
दो मार्च को ‘भारत कोकिला’ सरोजिनी नायडू की पुण्यतिथि पर पूरे देश में स्मृति सभा का आयोजन हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी सहित अनेक नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि अपनी वाणी और दृढ़ संकल्प से राष्ट्र चेतना जगाने वाली नारी शक्ति की प्रतीक तथा उत्तर प्रदेश की पहली महिला राज्यपाल सरोजिनी नायडू को विनम्र श्रद्धांजलि। उनका जीवन संघर्ष और समर्पण का प्रेरक दस्तावेज है।
उत्तराखंड के सीएम धामी ने कोटि-कोटि नमन करते हुए उनके स्वतंत्रता संग्राम योगदान, काव्य रचना और सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरोजिनी जी ने विचारों के बल पर राष्ट्र प्रेम को मजबूत किया।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा सांसद रवि किशन ने भी हार्दिक श्रद्धांजलि दी। चौधरी ने उनके महिलाओं के उत्थान प्रयासों और ओजस्वी कविताओं का विशेष उल्लेख किया। कांग्रेस ने भी उन्हें स्वतंत्रता सेनानी और कवयित्री के रूप में याद किया।
सरोजिनी नायडू का जन्म 1879 में हुआ था। वे कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रहीं और गोल्डन थ्रेशोल्ड जैसी रचनाओं से प्रसिद्ध हुईं। 1947 से 1949 तक उत्तर प्रदेश की राज्यपाल रहीं। उनका निधन 2 मार्च 1949 को हुआ।
आज के दौर में उनकी स्मृति हमें साहस, नेतृत्व और देशभक्ति की सीख देती है। विभिन्न दलों के नेता एकजुट होकर श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे हैं, जो उनकी विरासत की महत्ता को दर्शाता है।