
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से टेलीफोनिक बातचीत में यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इन हमलों में हुई जान गंवाने वालों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए इस मुश्किल घड़ी में भारत की पूर्ण एकजुटता का आश्वासन दिया।
सोशल मीडिया एक्स पर पीएम मोदी ने लिखा, ‘यूएई के राष्ट्रपति एवं मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद से बात की। हमलों की कड़ी भर्त्सना की, जनहानि पर शोक प्रकट किया। भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है।’
मोदी ने यूएई सरकार द्वारा वहां बसे विशाल भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए आभार भी जताया। उन्होंने तनाव कम करने और क्षेत्रीय शांति-स्थिरता के पक्ष में भारत का समर्थन दोहराया।
भारत-यूएई संबंध रणनीतिक एवं आर्थिक रूप से अटूट हैं। व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, आतंकवाद निरोधक सहयोग और प्रवासी भारतीय कल्याण में दोनों देश गहराई से जुड़े हैं। यूएई में करोड़ों भारतीयों का समुदाय दोनों देशों के बीच जीवंत पुल का काम करता है।
इसी क्रम में पीएम मोदी ने रविवार रात राजधानी में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की महत्वपूर्ण बैठक की। पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात, अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हवाई हमलों और सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की कथित मृत्यु के मद्देनजर यह बैठक बुलाई गई।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी उपस्थित रहे। राज्य भ्रमण से लौटते ही मोदी ने सीसीएस की कमान संभाली।
देश की सुरक्षा एवं रणनीति पर अंतिम फैसले लेने वाली सीसीएस भारत को वैश्विक संकटों से निपटने में मजबूत बनाती है। यह कदम भारत की सतर्कता और मित्र राष्ट्रों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।