
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में 2014 से फरार नेपाली नागरिक नूर मोहम्मद को नकली भारतीय मुद्रा के मामले में गिरफ्तार कर लिया। बिहार के समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी क्षेत्र से पकड़े गए इस आरोपी पर नेपाल के बारा जिले का निवासी है।
एनआईए ने रविवार को बताया कि उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट लंबे समय से जारी था। एजेंसी ने 2017 में पटियाला हाउस कोर्ट में उसके विरुद्ध चार्जशीट दायर की थी।
मामला अप्रैल 2014 का है जब इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर दुबई से लाए गए 4,988 नकली 1000 रुपए के नोट बरामद हुए थे, जिनका मूल्य 49.88 लाख था। जून में आईपीसी व यूएपीए के तहत केस दर्ज हुआ।
जांच में सामने आया कि नूर ने एकरामुल अंसारी व पाकिस्तानी सैयद मोहम्मद शफी के साथ मिलकर नकली नोटों की साजिश रची। उन्होंने खरीद, तस्करी व वितरण की पूरी योजना बनाई, जिसमें विदेशी मुद्रा आपूर्ति के लिए बैठकें भी तय कीं।
आरोपी जब्त खेप पर नजर रखे हुए था। इसी साल फरवरी में बिहार के चंपारण से नकली नोट बरामदगी के एक अन्य मामले में हैदराबाद के आरोपी पर चार्जशीट दाखिल हुई, जो पाक-नेपाल नेटवर्क से जुड़ा था।
जांच जारी है, जो देश की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।