
मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने ईरानी सरकार को खुलेआम ‘आतंकी राज्य’ करार देते हुए आम नागरिकों पर हमलों की कड़ी निंदा की है। बेत शेमेश इलाके में मिसाइल हमले से निर्दोष लोगों की मौत के बाद आईडीएफ ने ईरान की रणनीति पर सवाल उठाए हैं।
आईडीएफ के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन की शुरुआत से ईरान आम लोगों को निशाना बना रहा है। उनके ताजा हमले में बेत शेमेश के कई निर्दोष मारे गए। पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना। हम इस खूंखार आतंकी राज्य की ताकत को खत्म करने के लिए कटिबद्ध हैं।’
आईडीएफ ने जोर देकर कहा कि ईरान जानबूझकर आबादी वाले इलाकों पर मिसाइलें दागता है, जबकि इजरायल आतंकी अड्डों को सटीक निशाना बनाता है। यह सरकार नागरिकों की मौत को अपनी जंग का हथियार बनाती है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानी नागरिकों से विद्रोह की अपील की। वीडियो में उन्होंने कहा, ‘हम आतंकी शासन के हजारों ठिकानों पर हमला करेंगे। ईरान के बहादुर लोग, जुल्म की जंजीरें तोड़ने का यह ऐतिहासिक मौका है। इसे हाथ से न जाने दें।’
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या का बदला लेना हमारा हक और फर्ज है। इस्लामिक रिपब्लिक पूरे जोश के साथ इस जिम्मेदारी को निभाएगा।
क्षेत्रीय संघर्ष तेज होने के बीच वैश्विक समुदाय चिंतित है। आईडीएफ का बयान ईरान को अलग-थलग करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।