
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली ‘विद्युत सखी’ योजना ने बिजली बिल वसूली में ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम किया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम अब तक 3,227 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली कर चुका है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और यूपी पावर कॉर्पोरेशन के संयुक्त प्रयास से चली यह योजना स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है। मौर्य ने कहा कि इससे महिलाओं की कमाई बढ़ी है और समाज में उनका दर्जा भी ऊंचा हुआ है। यह ग्रामीण विकास और महिला उत्थान का मजबूत आधार बनेगी।
शुरुआत से अब तक 1.40 करोड़ से ज्यादा बिल जमा हुए, जिससे 42 करोड़ रुपये का कमीशन मिला। प्रदेश में 15,413 सक्रिय विद्युत सखियां गांव-गांव सेवा दे रही हैं। दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक की ओटीएस योजना में 657 करोड़ रुपये वसूले गए—दिसंबर में 349 करोड़, जनवरी में 188 करोड़ और फरवरी में 120 करोड़।
इस दौरान 17.75 लाख बिल साफ हुए और 8 करोड़ से अधिक कमीशन कमाया गया। सहारनपुर, सुल्तानपुर, मेरठ व अमेठी जिलों ने कमाल दिखाया। अमेठी की सोनी द्विवेदी ने 3.1 करोड़, रामपुर की मेहर जहां ने 2.7 करोड़ और बाराबंकी की राजश्री शुक्ला ने 2.3 करोड़ जमा किए। 70 सखियों ने एक करोड़ से ज्यादा वसूली कर इतिहास रचा।
यह योजना अब सिर्फ बिल वसूली नहीं, बल्कि महिलाओं का आर्थिक उत्थान, पारदर्शी बिजली वितरण और घर-द्वार सेवा का प्रतीक है। यह साबित करती है कि सही मौका मिले तो महिलाएं हर क्षेत्र में अव्वल साबित हो सकती हैं।