
बिहार के वैशाली जिले के अनवरपुर गांव में एक परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। पुराने सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस ने एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान ले ली, जबकि तीन अन्य की हालत नाजुक बनी हुई है। यह हृदयविदारक घटना पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर रही है।
घटना सराय थाना क्षेत्र के शिवजी साह के आवास पर घटी। लगभग 10 साल पुराना और 15 फुट गहरा यह टैंक सफाई के लिए तैयार किया गया था। सबसे पहले शिवजी के सबसे बड़े पोते प्रियांशु (18) ने टैंक में उतरने का बीड़ा उठाया। 15 मिनट तक उनकी आवाज आती रही, लेकिन उसके बाद सन्नाटा छा गया। घबराए परिवार ने प्रियांशु के पिता आनंद कुमार (46) को नीचे उतारा।
20 मिनट गुजर गए, कोई सुराग नहीं। फिर आनंद के भाई पंकज कुमार और राहुल कुमार (24) बचाव के लिए कूद पड़े। राहुल की तो 24 फरवरी को ही शादी हुई थी। इसके बाद तीन ग्रामीण भी टैंक में घुसे, लेकिन जहरीली गैस ने कुल सात लोगों को बेहोश कर दिया।
गांव में हड़कंप मच गया। सराय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। रस्सियों की सहायता से सभी को बाहर निकाला गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्रियांशु, आनंद, पंकज और राहुल को मृत घोषित कर दिया। शेष तीन का इलाज चल रहा है।
पोस्टमार्टम के लिए शव भेजे गए हैं। प्रारंभिक जांच में टैंक में जमा जहरीली गैस को मौत का कारण बताया गया। परिवार रोते-बिलखते हैं, गांव सन्नाटे में डूबा है। ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए विशेषज्ञों की सलाह है कि सफाई से पहले उचित वेंटिलेशन और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हों।