
तेहरान। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देश में बदले की भावना का उफान आ गया है। प्रमुख अधिकारियों ने वाशिंगटन और जेरूसलम को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि हमलावरों को सजा मिलकर रहेगी।
सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और खामेनेई के करीबी सलाहकार अली लारीजानी ने कहा, ‘अमेरिकियों ने हमारे लोगों के सीने में छुरा भोंका है, हम उनके सीने में भोंकेंगे।’ उन्होंने जवाबी कार्रवाई का वादा किया जो हमले से कहीं अधिक तीव्र होगी। ‘वे हमला कर भागने का ख्वाब भी न देखें,’ उन्होंने चेतावनी दी।
खामेनेई के निधन से उत्पन्न शून्य को भरने के लिए राष्ट्रपति और न्यायपालिका प्रमुख के साथ अस्थायी नेतृत्व संरचना शीघ्र गठित होगी। क्षेत्रीय देशों को भरोसा दिलाया गया है कि व्यापक युद्ध नहीं चाहते, लेकिन मध्य पूर्व के अमेरिकी ठिकानों पर निशाना साधते रहेंगे।
लारीजानी ने जोर देकर कहा, ‘यह साबित हो गया कि अमेरिका हमें डरा नहीं सकता।’ पूर्व आईआरजीसी कमांडर मोहसेन रेजाई ने फारस की खाड़ी में किसी अमेरिकी जहाज को अनुमति न देने की बात कही। सरकारी मीडिया ने रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह, सशस्त्र सेनाओं के चीफ ऑफ स्टाफ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौत की पुष्टि की।
ईरान की एकजुट प्रतिक्रिया से क्षेत्रीय समीकरण बदल सकते हैं।