
रात के समय जब आप आराम करने बिस्तर पर लेटते हैं, तो अचानक पैरों में असहज सनसनाहट या बेचैनी महसूस होती है? यह कोई साधारण थकान नहीं, बल्कि रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (आरएलएस) हो सकता है। यह न्यूरोलॉजिकल समस्या लाखों लोगों की नींद चुरा लेती है।
आरएलएस का मुख्य कारण मस्तिष्क में डोपामाइन के असंतुलन से जुड़ा है। यह रसायन मांसपेशियों की गतिविधियों को नियंत्रित करता है। जब इसकी मात्रा कम हो जाती है, तो पैर हिलाने की अनियंत्रित इच्छा जाग उठती है। विशेषज्ञ इसे पार्किंसन रोग से भी संबंधित मानते हैं, हालांकि दोनों अलग हैं।
आयरन की कमी भी बड़ा कारक है। आयरन न केवल रक्त के लिए जरूरी है, बल्कि डोपामाइन उत्पादन में सहायक। गर्भावस्था में महिलाओं को यह समस्या अक्सर सताती है। मधुमेह या किडनी समस्याएं भी ट्रिगर कर सकती हैं।
लक्षण शाम ढलते ही उभरते हैं—झुनझुनी, जलन या खिंचाव। लेटने या बैठने पर बढ़ जाते हैं, चलने से राहत मिलती है। रातों की नींद टूटने से दिनभर सुस्ती, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता की कमी होती है।
डॉक्टर लक्षणों और ब्लड टेस्ट से निदान करते हैं। उपचार में नियमित व्यायाम, कैफीन त्याग, सोने का निश्चित समय। दवाएं जैसे डोपामाइन बढ़ाने वाली गोलियां गंभीर मामलों में दी जाती हैं।
इस समस्या को हल्के में न लें। समय रहते चिकित्सक से संपर्क करें और शांतिपूर्ण रातें पाएं।