
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने रविवार को अपना 73वां जन्मदिन मनाया, लेकिन इसे उत्सव की बजाय दृढ़ संकल्प का अवसर बनाया। उन्होंने तमिल भाषा, राज्य के अधिकारों और द्रविड़ आंदोलन की वैचारिक नींव की सुरक्षा का प्रण लिया।
सोशल मीडिया पोस्ट में स्टालिन ने कहा कि उनका जीवन मिशन ‘तमिल और तमिलनाडु’ की रक्षा है। उन्होंने लोगों से बौद्धिक शक्ति और सामूहिक इच्छाशक्ति से फैले हुए षड्यंत्रों को परास्त करने का आह्वान किया। ‘हम सबको एकजुट होकर इन साजिशों का मुकाबला करना होगा, इसके लिए मैं स्वयं को और समर्पित करूंगा।’
अपने लंबे राजनीतिक सफर पर चिंतन करते हुए उन्होंने कठोर परिश्रम को अपनी एकमात्र पूंजी बताया। द्रविड़ मॉडल शासन के तहत तमिलनाडु को अग्रणी राज्य बनाने का श्रेय देते हुए कहा कि कल्याणकारी योजनाएं करोड़ों लोगों तक पहुंची हैं।
‘तमिलनाडु अब अन्य राज्यों के लिए मिसाल है, जहां तमिल गर्व से जी सकते हैं।’ वैचारिक दृढ़ता पर बल देते हुए स्टालिन ने किसी के आगे झुकने से इनकार किया।
पार्टी कार्यकर्ताओं से ‘योद्धा की भावना’ अपनाने को कहा। थंथाई पेरियार, अन्ना और करुणानिधि की विरासत को संरक्षित रखने के लिए एकता का संदेश दिया।
राज्य की पहल से पिछड़े व अनुसूचित जाति के करीब 200 छात्र, जिसमें महिलाएं शामिल हैं, पुजारी प्रशिक्षण ले रहे हैं, जो सामाजिक न्याय की मिसाल है।