
पुडुचेरी में रविवार को एक ऐतिहासिक क्षण आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2,700 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने, जनसुविधाओं का विस्तार, उद्योगों की प्रगति, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने तथा सतत विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पुडुचेरी को संतों, कवियों व स्वतंत्रता सेनानियों की पावन भूमि बताया। यहां महाकवि सुब्रमण्यम भारती ने राष्ट्रवाद की ज्योति प्रज्ज्वलित की, जबकि श्री अरबिंदो और मां ने विश्व को आध्यात्मिक दृष्टि प्रदान की।
उन्होंने पूर्व यात्रा का जिक्र करते हुए ‘बीईएसटी पुडुचेरी’ का मंत्र दोहराया—बिजनेस, एजुकेशन, स्पिरिचुएलिटी और टूरिज्म। पिछले साढ़े चार वर्षों में केंद्र-प्रदेश की संयुक्त कोशिशों से उत्कृष्ट शासन व विकास हुआ।
पुडुचेरी ने प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है और सामाजिक प्रगति सूचकांक में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। डबल इंजन एनडीए सरकार विकास को नई गति देगी। आज के प्रोजेक्ट इसका प्रमाण हैं।
देशव्यापी इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति के तहत इस वर्ष 12 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट। पुडुचेरी को विशेष पूंजी निवेश योजना में शामिल किया गया। इससे सड़कें, जलापूर्ति, तटीय विकास, स्कूल-अस्पताल मजबूत होंगे।
प्रमुख परियोजनाएं: पीएम ई-बस सेवा, स्मार्ट सिटी कमांड सेंटर, सीआईटीआईआईएस आवास, सीवरेज-जल योजनाएं। एनआईटी कराईकल के कलाम ब्लॉक व हॉस्टल, जिपमेर कैंसर केंद्र, पांडिचेरी यूनिवर्सिटी भवन उद्घाटित। करासूर-सेदरापेट इंडस्ट्रियल एरिया समर्पित। जल परियोजनाएं, 41 ग्रामीण सड़कें, विरासत शहर, मिष्टी मैंग्रोव कार्य शुरू।
ये प्रयास पुडुचेरी को परंपरा व आधुनिकता का अनूठा संगम बनाएंगे।