
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हसनबाद में शनिवार रात तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अंतिम मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में सड़कों पर उतर आए। उन्होंने टायर जलाए, भारतीय चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी का पुतला आग के हवाले कर दिया।
लेबुखाली रोड पर प्रदर्शन के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और हालात पर काबू पा लिया। टीएमसी नेताओं का आरोप है कि वैध मतदाताओं के नाम जानबूझकर काट दिए गए हैं, खासकर अल्पसंख्यक बहुल बूथों से।
शाहपुर के बूथ नंबर 111 में कुल 1065 मतदाताओं में से करीब 400 अल्पसंख्यकों के नाम हटा दिए गए, जबकि 120 हिंदू मतदाता सूची में बने हुए हैं। स्थानीय नेता शाहजहां मोरल ने कहा, ‘यह अल्पसंख्यक बहुल बूथ है, इसलिए निशाना बनाया गया। भाजपा और चुनाव आयोग की साजिश बर्दाश्त नहीं होगी।’
बसीरहाट उपमंडल से कुल 16,125 मतदाताओं के नाम गायब हो गए हैं। हसनबाद भी बसीरहाट दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद शनिवार को जारी सूची ने पूरे राज्य में आक्रोश फैला दिया है।
टीएमसी ने चेतावनी दी है कि नाम बहाल न होने पर विरोध तेज होगा। चुनाव आयोग की इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। आने वाले दिनों में और प्रदर्शन हो सकते हैं।