
वाशिंगटन, 1 मार्च। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ऐतिहासिक घोषणा की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू कर दिया है, जिसे उन्होंने इतिहास का सबसे घातक, जटिल और सटीक हवाई अभियान करार दिया। इस व्यापक सैन्य कार्रवाई से तेहरान को कड़े परिणामों की चेतावनी दी गई है, जो ईरान के बातचीत से इनकार का प्रत्यक्ष परिणाम है।
हेगसेथ ने ईरान पर अमेरिकियों को निशाना बनाने और उनकी हत्या करने का लंबे समय से चला आ रहा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लगभग 50 वर्षों से ईरान अपने कट्टरपंथी मंसूबों के लिए दुनिया के सबसे शक्तिशाली हथियार हासिल करने की कोशिश कर रहा है। ‘ईरानी शासन को मौका दिया गया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। अब वे भुगत रहे हैं।’
राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले राष्ट्रपतियों से अलग हटकर इस खतरे का मुकाबला शुरू किया है। अभियान के लक्ष्य में ईरान की मिसाइल उत्पादन इकाइयां, अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाली मिसाइलें, नौसेना और परमाणु हथियारों की महत्वाकांक्षा को नष्ट करना शामिल है। हेगसेथ ने स्पष्ट कहा, ‘अमेरिका ने यह संघर्ष शुरू नहीं किया, लेकिन हम इसे खत्म करेंगे।’
तेहरान को सख्त चेतावनी दी गई कि यदि कहीं भी अमेरिकियों पर हमला या धमकी दी गई, तो उनका पीछा किया जाएगा और समाप्त कर दिया जाएगा। हेगसेथ ने अभियान में शामिल अमेरिकी सैनिकों की तारीफ की, जिन्हें उन्होंने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ योद्धा बताया।
सेंटकॉम ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति के आदेश पर पूर्वी समयानुसार सुबह 1:15 बजे अभियान शुरू हुआ। इसका उद्देश्य ईरानी सुरक्षा तंत्र को ध्वस्त करना था, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के केंद्र, वायु रक्षा, मिसाइल-ड्रोन लॉन्च साइट्स और सैन्य हवाई अड्डे शामिल थे।
एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि वायु, भूमि और समुद्री हमलों से सटीक गोलीबारी की गई। टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक ने कम लागत वाले एकतरफा हमलावर ड्रोनों का युद्ध में पहली बार उपयोग किया। शुरुआती हमलों के बाद सैकड़ों ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को सफलतापूर्वक रोका गया। यह कार्रवाई मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन बदलने वाली साबित हो सकती है।