
बेंगलुरु। इजरायल और ईरान के बीच तेज हो रहे तनाव ने कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर को मध्य पूर्व में रहने वाले कन्नड़ समुदाय की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में डाल दिया है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने खुलासा किया कि चिकबल्लापुर जिले से करीब 150 छात्र छुट्टियों या नौकरी के सिलसिले में वहां मौजूद हैं। उन्होंने इसे दूसरे विश्व युद्ध के बाद की सबसे गंभीर घटनाओं से जोड़ा, जहां देश सीधे-सीधे एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं।
यह संघर्ष ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही नीतिगत मतभेदों का परिणाम है। इजरायल के शनिवार को ईरान पर हमलों ने आग में घी डाल दिया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की अफवाहें हैं। जवाब में ईरान ने यूएई सहित कई जगहों पर अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। मंत्री ने चेतावनी दी कि स्थिति का समाधान होना चाहिए वरना यह और भयावह हो सकती है।
बेंगलुरु में इंडो-ईरान चैंबर के सैयद हकीम रजा ने खामेनेई की कथित शहादत पर कहा, ‘यह दुनिया से दूसरी दुनिया का सफर है, हमारे लिए यह सम्मान है। 86 वर्ष की उम्र में भी शहादत सर्वोच्च है।’ कर्नाटक सरकार अब प्रभावित लोगों की सूची तैयार कर केंद्र से सहयोग ले रही है। परिवार चिंतित हैं, लेकिन राज्य स्तर पर सक्रियता से उम्मीद बंध रही है। वैश्विक संकट स्थानीय जीवन को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे सबक लेने की जरूरत है।