
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी खुफिया तंत्र और उन्नत ट्रैकिंग तकनीक ने खामेनेई को घेर लिया, जिसमें इजरायल का भी सहयोग रहा। ट्रंप ने खामेनेई को इतिहास के सबसे कुख्यात व्यक्तियों में एक बताया और उनकी मौत को ईरान की जनता व दुनिया भर के पीड़ितों के लिए न्याय करार दिया।
ट्रंप के मुताबिक, यह घटना ईरानियों के लिए अपना देश वापस हासिल करने का सुनहरा अवसर है। ईआरजीसी, सेना और सुरक्षा बलों के कई सदस्य अब युद्ध से तंग आ चुके हैं और अमेरिका से सुरक्षा चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अभी अवसर है, बाद में केवल मौत का इंतजार होगा।
राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि ये ताकतें शांतिपूर्वक देशभक्त नागरिकों से हाथ मिलाएंगी और ईरान को फिर से खड़ा करेंगी। खामेनेई की मौत वाले ही दिन ईरान को भारी क्षति पहुंची। ट्रंप ने कहा कि मध्य पूर्व में शांति तक सटीक बमबारी जारी रहेगी।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ट्रंप ने मार-ए-लागो में रात भर स्थिति पर नजर रखी और नेतन्याहू से बात की। मार्को रुबियो ने हमलों से पहले सांसदों को सूचित किया। अधिकारियों ने कूटनीति को अप्रभावी बताते हुए ईरान के मिसाइल व न्यूक्लियर खतरे पर जोर दिया। दशकों पुराना तनाव अब चरम पर है।