
भारतीय क्रिकेट के तेजतर्रार गेंदबाज सलिल अंकोला का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। 1989 में पाकिस्तान दौरे पर कराची टेस्ट में उन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। एक टेस्ट, 20 वनडे और 1996 वर्ल्ड कप टीम तक उनका सफर चला, लेकिन चोटों ने 28 साल की उम्र में क्रिकेट को अलविदा कहने पर मजबूर कर दिया।
क्रिकेट छोड़ अभिनय की राह पकड़ी। टीवी पर सीआईडी, कहता है दिल, कोरा कागज, शशश… कोई है जैसे शो में धमाल मचाया। फिल्मों में कुरुक्षेत्र (संजय दत्त के साथ पुलिसवाला), पिताह, चुरा लिया है तुमने, साइलेंस प्लीज जैसी रचनाओं में नजर आए। 2006 में सलमान खान के बिग बॉस में भी उतरे।
लेकिन पर्दे के बाहर जिंदगी ने कठोर परीक्षा ली। 1997 में क्रिकेट से संन्यास के बाद खालीपन ने शराब की लत जकड़ ली, जो 1999 से 2011 तक चली। इंटरव्यू में बताया, ‘शुरू में शौक था, फिर बीमारी बन गया। जागते ही पीते रहते।’ क्रिकेट मैच देखना बंद, परिवार की नसीहतें बेकार, कई रिहैब फेल।
2011 में रिहैब से वर्ल्ड कप देखा, तो जीवन बदला। ‘शराब बीमारी है, इलाज जरूरी।’ परिवार, इच्छाशक्ति से जीते। 2014 तक 12 आईसीयू, तीन बार मृत घोषित। आज मुंबई क्रिकेट संघ से जुड़े, मुख्य चयनकर्ता रह चुके, जनवरी 2023 से अगस्त 2024 तक टीम इंडिया चयनकर्ता। सलिल की कहानी प्रेरणा है- हार के बाद भी जीत संभव।