
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल के वायनाड में 2024 के भयावह भूस्खलन प्रभावितों के लिए केंद्र सरकार की सुस्ती पर तीखा प्रहार किया है। अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के तीसरे दिन मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि स्थानीय संगठनों और दलों ने जमीन पर राहत कार्य किया, लेकिन केंद्र ने आर्थिक मदद में कंजूसी बरती।
संसद में आवाज बुलंद करने, प्रधानमंत्री को पत्र लिखने और गृह मंत्री से भेंट के बावजूद सहयोग न मिलने पर उन्होंने खेद जताया। केंद्र ने न तो पर्याप्त धनराशि जारी की और न ही इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया। विपक्ष के दबाव पर इसे गंभीर आपदा का दर्जा मिला, मगर सहायता अपेक्षा से कम रही।
कांग्रेस ने 100 मकानों के निर्माण की शुरुआत राहुल गांधी की मौजूदगी में की। प्रियंका ने थ्रिक्कईपट्टा में आईयूएमएल द्वारा मुंडक्कई-चूरलमाला पीड़ितों के लिए बनाए मकानों की चाबियां सौंपने वाले समारोह में शिरकत की। उन्होंने इसे सामूहिक प्रयास बताते हुए सभी दलों की तारीफ की।
सरकारी तंत्र के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले स्वयंसेवकों की बहादुरी पर गर्व जताया। उन्होंने चिप्पिलिथोड में चूरम बाईपास और सुल्तान बथेरी में बैराकुप्पे ब्रिज का जायजा भी लिया। यह आलोचना केंद्र-राज्य समन्वय पर सवाल उठाती है।