
जम्मू-कश्मीर ने क्रिकेट के मैदान पर इतिहास रच दिया है। रणजी ट्रॉफी एलीट 2025-26 के फाइनल में कर्नाटक के खिलाफ ड्रॉ खेलते हुए पहली पारी की बढ़त के दम पर पहली बार खिताब पर कब्जा किया। 67 साल के लंबे इंतजार का अंत करते हुए यह जीत पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर ला गई।
जेकेसीए प्रमुख अनिल गुप्ता ने उत्साह से भरे स्वर में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को फोन किया। तिरुवनंतपुरम में मौजूद मंत्री को उन्होंने कहा, ‘डॉक्टर साहब, हम जीत गए।’ यह पल जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटप्रेमियों के लिए अविस्मरणीय बन गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर इस उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने लिखा कि यह जीत टीम के धैर्य, अनुशासन और जुनून का प्रतीक है। जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए यह गर्व का क्षण है, जो खेल के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।
मैच में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन ठोके। शुभम पुंडीर की 121 रनों की शानदार पारी, यावर हसन के 88 और कप्तान पारस डोगरा के 70 रनों ने मजबूत नींव रखी। कर्नाटक 293 पर सिमट गया, जहां मयंक अग्रवाल के 160 रनों के बावजूद औकिब नबी डार की 5 विकेट हॉल ने कमाल किया।
दूसरी पारी में कमरान इकबाल ने 311 गेंदों पर नाबाद 160 रन बनाए, तो साहिल लोत्रा 101 रनों पर नाबाद रहे। यह जीत न केवल ट्रॉफी है, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत।