
मुंबई के रंगमंच पर एक नया इतिहास रचा गया है। मशहूर गीतकार व लेखक मनोज मुंतशिर ने अपने 50वें जन्मदिन पर लिखा-निर्देशित नाटक ‘कृष्ण-राधा से रणभूमि तक’ के पहले दो शो हाउसफुल हो गए। लगभग 4000 दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से इसकी कामयाबी का जश्न मनाया।
इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट में मनोज ने इसे भगवान का सबसे बड़ा उपहार बताया। उन्होंने लिखा कि हाउसफुल ऑडिटोरियम में सीटें कहां लाएं? यह रंगमंच के सफर में दुर्लभ पल था। पहले दिन ही इतने दर्शक आए, जिनकी भावनाओं और तालियों ने जन्मदिन को अविस्मरणीय बना दिया।
सफलता का श्रेय टीम को देते हुए सबसे पहले बड़े भाई अशोक पंडित का आभार जताया, जिन्होंने विजन पर भरोसा किया। सारेगामा के विक्रम मेहरा को सपनों से जोड़ा। पत्नी नीलम को पहली प्रेमिका से कंपनी डायरेक्टर तक हर भूमिका के लिए सराहा।
टीम के पुनीत जे पाठक की स्टेज डिजाइन, वीर कानाबार, निधि वर्मा, विराट भरद्वाज के अभिनय व कुंवर अंशित की संगीतमय जादूगरी की तारीफ। कॉस्ट्यूम डिजाइनर अम्बरीश कपाड़िया व भाई रवि लालपुरिया, डॉ. गौतम भंसाली का जिक्र। मोहित बाजपेयी, शुभम गुप्ता समेत पूरी टीम को धन्यवाद।
दर्शकों से कहा, मैं न एक्टर हूं न स्टार, लेकिन आपने कभी कम नहीं होने दिया। मेरी कमियों को नजरअंदाज कर सराहा। इस सफलता से मनोज का रंगमंच सफर नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार है।