
गुजरात के साणंद में शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माइक्रोन टेक्नोलॉजी के अत्याधुनिक एटीएमपी संयंत्र का उद्घाटन किया। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए) ने इस उपलब्धि पर सरकार और कंपनी को हार्दिक बधाई दी है।
आईईएसए अध्यक्ष अशोक चंदक, जो समारोह में उपस्थित थे, ने इसे भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा, ‘यह केवल एक प्लांट का उद्घाटन नहीं, बल्कि भारत को उन्नत चिप निर्माण में वैश्विक खिलाड़ी बनाने की मजबूत प्रतिबद्धता है।’
प्रधानमंत्री के शब्दों ‘भारत तैयार है, भारत भरोसेमंद है, भारत परिणाम देता है’ को दोहराते हुए चंदक ने राष्ट्र के आत्मविश्वास को रेखांकित किया। माइक्रोन का 22,516 करोड़ रुपये का निवेश भारत में सबसे बड़े विदेशी सेमीकंडक्टर निवेशों में शुमार है। कंपनी के डिजाइन सेंटर भी यहां सक्रिय हैं।
यह संयंत्र डीआरएएम, एनएएनडी और एसएसडी जैसे उत्पाद बनाएगा, जो एआई, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, स्मार्टफोन, डेटा सेंटर, ऑटोमोटिव और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी हैं। मेमोरी उत्पादन दुर्लभ क्षमता है, जो कुछ ही देशों के पास है।
एआई मांग में उछाल और सप्लाई चेन दबावों के बीच यह कदम क्रांतिकारी है। माइक्रोन के प्लांट, डिजाइन सेंटरों और आगामी सुविधाओं से भारत की क्षमता बढ़ेगी, निर्यात को बल मिलेगा।
साणंद प्लांट से 5,000 प्रत्यक्ष और 15,000 अप्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होंगी। यह भारत की सेमीकंडक्टर नीति की सफलता का प्रतीक है, जो विनिर्माण क्रांति लाएगा।