
मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजरायल ने ईरान पर ऑपरेशन रोअरिंग लॉयन के तहत प्रिवेंटिव एयरस्ट्राइक की, जिसमें अमेरिका भी शामिल हो गया। इस हमले ने पूरे इलाके को युद्ध की कगार पर ला खड़ा किया है। इसी बीच मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और सभी पक्षों से कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील की।
अनवर इब्राहिम ने बयान जारी कर कहा कि इजरायल का यह हमला और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई मध्य पूर्व को विनाश की ओर धकेल रही है। उन्होंने इसे चल रही वार्ताओं को तोड़ने और अन्य देशों को अवांछित संघर्ष में फंसाने की नीच चाल बताया। उन्होंने तत्काल और बिना शर्त शत्रुता समाप्त करने पर जोर दिया।
अमेरिका और ईरान से उन्होंने विनती की कि वे इसे बढ़ावा देने के बजाय बातचीत का मार्ग चुनें। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी उन्होंने निष्पक्ष त्वरित कार्रवाई की मांग की। अनवर ने ईरान और आसपास मलेशियाई नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई और क्षेत्रीय साझेदारों से समन्वय का वादा किया।
सऊदी अरब ने यूएई, बहरीन, कतर, जॉर्डन व कुवैत पर ईरानी हमलों की कठोर शब्दों में भर्त्सना की, संप्रभुता हनन पर गंभीर परिणामों की चेतावनी दी। ब्रिटेन ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोके जाने पर बल दिया और अपने नागरिकों को आश्रय लेने को कहा।
ब्रिटिश एयरवेज ने 3 मार्च तक तेल अवीव, बहरीन व अम्मान उड़ानें रद्द कर दीं। एयरलाइन ने कहा कि सुरक्षा प्राथमिकता है और यात्रियों से संपर्क में हैं।
यह संकट वैश्विक शांति के लिए खतरा है। अनवर की अपील सभी को सोचने पर मजबूर कर रही है कि कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है।