
जम्मू-कश्मीर ने क्रिकेट के मैदान पर इतिहास रच दिया है। पहली बार रणजी ट्रॉफी पर कब्जा जमाकर इस क्षेत्र ने 67 साल पुराना सूखा खत्म किया। कर्नाटक के खिलाफ खिताबी मुकाबले में पहली पारी की बढ़त के दम पर जीत हासिल हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे क्षेत्र में युवाओं की नई पहचान का प्रतीक बताया।
मैच का रोमांचक सार: जेकेएस ने अपनी पहली पारी में शानदार 584 रन ठोके। कर्नाटक महज 293 पर सिमट गया। दूसरी पारी में 4 विकेट पर 342 रन बनाकर घोषणा कर दी गई, जिससे मैच ड्रॉ हुआ लेकिन ट्रॉफी जेकेएस के हाथ लगी। कप्तान परवेज रसूल और टीम के हीरोओं ने सबको गदगद कर दिया।
अमित शाह ने एक्स पर लिखा, ‘जम्मू-कश्मीर की पहली रणजी जीत पर सभी युवाओं और टीम को हार्दिक बधाई। यह पल गर्व से भर देता है और दिखाता है कि नए बदलाव युवाओं की नई पहचान हैं। शांति, प्रगति व समृद्धि नया जेकेएस चला रहे हैं।’
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी बधाई दी। हाल ही में जेकेएस दौरे पर उन्होंने विकास कार्यों की तारीफ की। ‘हर क्षेत्र में प्रगति देखी। यह जीत आत्मविश्वास, प्रतिभा व आशाओं को दर्शाती है। निरंतर सफलता की शुभकामनाएं।’
यह उपलब्धि जेकेएस क्रिकेट के संघर्ष की कहानी है। अशांति के दौर से उबरकर बेहतर सुविधाओं ने चमक बिखेरी। अबी नबी जैसे गेंदबाज व रैना जैसे बल्लेबाज प्रेरणा बने। यह खेल के साथ क्षेत्रीय उन्नति का संदेश है, युवाओं को नई ऊंचाइयों की ओर ले जाता।