
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को शराब नीति मामले में जमानत मिलने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केजरीवाल का जेल से बाहर आना या रहना, दिल्ली की सियासत पर कोई फर्क नहीं डालेगा।
दीक्षित ने भाजपा और आप के बीच गठजोड़ का खुलासा करते हुए कहा कि कल केजरीवाल की रिहाई ने हमारी बात साबित कर दी। हम यही कहते आ रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा को पंजाब, उत्तराखंड जैसे राज्यों के चुनावों में कांग्रेस के खिलाफ केजरीवाल की जरूरत है, इसलिए उन्हें बाहर रखा जा रहा है।
नेता ने किसी को भी बेकसूर ठहराने से इनकार किया। उन्होंने सीबीआई की दो साल की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर केस तैयार ही नहीं था, तो इतना वक्त क्या कर रहे थे? यह राजनीतिक रणनीति का हिस्सा लगता है।
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भूषण चिब को जमानत पर दीक्षित ने कहा कि गिरफ्तारी ही आश्चर्यजनक थी। एआई समिट में विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है। उन्होंने मनमोहन सिंह के समय भाजपा के प्रदर्शनों का हवाला दिया। सरकार विपक्ष के विरोध को नियंत्रित नहीं कर सकती। मामला कोर्ट में जाएगा तो राहत मिलेगी।
कांग्रेस नेता के बयान से चुनावी माहौल गर्मा गया है।