
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत चावल में विटामिन व खनिज तत्व मिलाने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। यह कदम तब तक जारी रहेगा जब तक कि पोषक तत्वों की बेहतर वितरण व्यवस्था तैयार न हो जाए।
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने इस प्रक्रिया की गहन समीक्षा की, जिसमें आईआईटी खड़गपुर की रिपोर्ट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अध्ययन में पाया गया कि देश के विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों में भंडारण की वास्तविक स्थितियों में फोर्टिफाइड राइस कर्नल (एफआरके) और फोर्टिफाइड राइस (एफआर) की शेल्फ लाइफ प्रभावित होती है।
नमी, तापमान, आर्द्रता तथा पैकेजिंग जैसे कारकों से सूक्ष्म पोषक तत्वों का क्षय होता है, खासकर जब चावल 2-3 वर्ष तक गोदामों में रहता है। वार्षिक 372 लाख मीट्रिक टन आवंटन के मुकाबले केंद्रीय भंडार में 674 लाख मीट्रिक टन उपलब्धता होने से यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
सरकार का मानना है कि अपेक्षित पोषण लाभ सुनिश्चित करने के लिए मजबूत तंत्र जरूरी है। इस स्थगन से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), आईसीडीएस या मिड-डे मील पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राज्यों को केएमएस 2024-25 और 2025-26 के लिए फोर्टिफाइड या साधारण चावल आपूर्ति की छूट दी गई है।
यह निर्णय कल्याण योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जो लाखों जरूरतमंदों तक पोषण पहुंचाने के लक्ष्य को मजबूत करेगा।