
मुंबई में शुक्रवार को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का आगमन हुआ, जो भारत-कनाडा संबंधों में नई गति लाने वाला है। भारत को विश्व की सबसे तेजी से उभरती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताते हुए कार्नी ने कनाडाई श्रमिकों और कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा करने वाली साझेदारियों की इच्छा जाहिर की।
एक्स पर पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। मुंबई पहुंच गया हूं। व्यापारिक नेताओं से मुलाकात होगी। ऐसी साझेदारियां बनाएंगे जो कनाडाई कामगारों व व्यवसायों के लिए नए द्वार खोलेंगी।’
महाराष्ट्र के प्रोटोकॉल व मार्केटिंग मंत्री जयकुमार रावल ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। पत्नी डायना फॉक्स कार्नी के साथ यह उनका प्रधानमंत्री पद पर पहला भारत दौरा है, जो 27 फरवरी से दो मार्च तक चलेगा।
मुंबई में कार्नी भारतीय व कनाडाई सीईओ, उद्योग विशेषज्ञों, वित्तकारों, नवोन्मेषकों, शिक्षाविदों और कनाडाई पेंशन फंड प्रतिनिधियों से भेंट करेंगे। ये बैठकें आर्थिक सहयोग को गति देंगी।
विदेश मंत्रालय के रणधीर जायसवाल ने एक्स पर स्वागत संदेश दिया, ‘कनाडा पीएम मार्क कार्नी का भारत की पहली आधिकारिक यात्रा पर मुंबई में हार्दिक स्वागत। यह संबंधों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है।’
मुंबई दौरे के बाद रविवार शाम नई दिल्ली पहुंचकर दो मार्च को हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी से प्रतिनिधिमंडल स्तर वार्ता होगी। कनानास्किस व जोहान्सबर्ग बैठकों पर आधारित सामरिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा होगी।
व्यापार-निवेश, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि, शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार व जन-से-जन संबंध मुख्य एजेंडा रहेंगे। क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों पर विचार होगा। सीईओ फोरम में भागीदारी होगी।
यह यात्रा संबंध सामान्यीकरण के चरण में महत्वपूर्ण है। दोनों नेता सकारात्मक गति व भविष्योन्मुखी साझेदारी को पुष्ट करेंगे। 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 30.8 अरब डॉलर पहुंचा, भारत कनाडा का सातवां बड़ा साझेदार।
नवंबर जोहान्सबर्ग जी20 में मोदी-कार्नी ने 2030 तक 50 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य रखा। कनाडाई पेंशन फंड भारतीय कंपनियों में रुचि दिखा रहे। यह दौरा आर्थिक एकीकरण का नया अध्याय लिख सकता है।