
झारखंड के हजारीबाग में अदाणी फाउंडेशन ने एक सराहनीय कदम उठाया है। गोंदुलपारा खनन परियोजना क्षेत्र में सीएसआर के तहत शुरू ‘शौर्यपथ’ पहल से परियोजना प्रभावित गांवों के 24 युवाओं को सशस्त्र बलों की भर्ती के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये युवा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, अहमदाबाद में पहुंच चुके हैं, जहां 90 दिनों का निःशुल्क आवासीय बीएसएफ प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है।
गोंदुलपारा के अलावा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के तमना, पुरुंगा, धिरौली व लमाटोला गांवों से भी चयनित युवा इसमें शामिल हैं। यह प्रशिक्षण शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, निजी सुरक्षा प्रमाणन और बेसिक साइबर सिक्योरिटी पर केंद्रित है। युवाओं को रक्षा सेवाओं, अर्धसैनिक बलों व प्राइवेट सिक्योरिटी क्षेत्र के लिए तैयार किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्रीय युवाओं के लिए वरदान बताया। ‘इससे नौकरी के साथ-साथ आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी,’ उन्होंने कहा। फाउंडेशन पहले से मोबाइल हेल्थ यूनिट, छात्रवृत्ति, कोचिंग, महिला समूहों का सशक्तिकरण, पेयजल व बुनियादी ढांचे पर काम कर रहा है। ‘शौर्यपथ’ सामाजिक उत्थान की नई मिसाल है।