
ढाका। बांग्लादेश की धरती शुक्रवार दोपहर एक बार फिर कांप उठी जब 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। यह 40 घंटों में तीसरा झटका था। सतखीरा जिले के असासुनी उपजिले के पास इसका केंद्र था, जो शहर से 18 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:52 बजे आए इस भूकंप ने लोगों को घरों और मस्जिदों से बाहर भागने पर मजबूर कर दिया।
जुमे की नमाज के दौरान मस्जिदों में मौजूद नमाजियों ने जमीन के हिलने का एहसास किया। सतखीरा के निवासियों ने कई सेकंड तक तेज झटके महसूस किए। अलाउद्दीन हुसैन ने बताया कि उन्हें झटका सीधे सीने में लगा। कुल्ला बैतुल अमन जामे मस्जिद में रबीउल आलम और तुहिन गाजी तथा बोदता सेंट्रल जामे मस्जिद में मसूद राणा व सादिक अनवर ने कहा कि ऐसा लगा जैसे सब उलट-पुलट हो रहा हो।
इससे पहले बुधवार रात 10:53 बजे ढाका व सिलहट में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया था। गुरुवार दोपहर 12:04 बजे 4.6 तीव्रता का झटका देश के कई हिस्सों में महसूस हुआ। सतखीरा मौसम कार्यालय के प्रभारी जुल्फिकार अली और उपजिला अधिकारी सईदुज्जमां इमू ने पुष्टि की कि कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन डर का माहौल है।
ढाका विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर सैयद हुमायूं अख्तर ने कहा कि भूकंप सिर्फ फॉल्ट लाइन से नहीं होते। 10-12 साल पहले भी सतखीरा में ऐसा ही हादसा हुआ था। बांग्लादेश की यह भूकंपीय सक्रियता चिंता का विषय बनी हुई है। अधिकारियों ने सतर्क रहने की सलाह दी है।