
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा सीबीआई मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी किए जाने के फैसले ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। इसी क्रम में आजमगढ़ से समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने शुक्रवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने इसे विपक्षी नेताओं के खिलाफ सुनियोजित अत्याचार करार दिया।
यादव ने कहा, “कोर्ट का यह निर्णय सत्ता पक्ष की क्रूरता को उजागर करता है। आप नेताओं के साथ जो दुर्व्यवहार हुआ, उसके लिए सरकार को जनता से माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद केस का जिक्र करते हुए जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। “ये एजेंसियां किसके इशारे पर काम कर रही हैं? योगी जी सदन में शंकराचार्य पर बयानबाजी करते हैं, तो कोई अफसर उनके खिलाफ रिपोर्ट कैसे बनाएगा? शंकराचार्य सनातन धर्म के शिखर पर विराजमान हैं, उनकी गरिमा का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा। हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।”
अपने क्षेत्र आजमगढ़ के विकास पर बोलते हुए यादव ने कहा, “सांसद बनते ही मैंने स्थानीय समस्याओं का समाधान शुरू कर दिया। मैं मंत्री से मिलने पर मीडिया का तमाशा नहीं करता। लेकिन जब कोई प्रोजेक्ट पूरा होता है, तो उसकी जानकारी सबको देता हूं।” उन्होंने सीएसडी कैंटीन के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात और रिंग रोड के लिए गडकरी से चर्चा का उदाहरण दिया। “हमने अपना फर्ज निभाया, अब आजमगढ़ की जनता फैसला करेगी कि दावे कितने सच्चे हैं। समाजवादियों ने ही आजमगढ़ को नई ऊंचाइयां दी हैं।”
यह बयान राजनीतिक टकराव को और तेज करने वाला है, जहां न्यायिक फैसले विपक्ष को नई ताकत दे रहे हैं।