
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच चीन और कनाडा ने अपने नागरिकों से ईरान को फौरन छोड़ देने की अपील की है। अमेरिका-ईरान वार्ता के बेनतीजा रहने से स्थिति और नाजुक हो गई है। दोनों देशों ने विशेष यात्रा सलाह जारी करते हुए खतरे की घंटी बजाई है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान में अमेरिकी हमलों का डर मंडरा रहा है, जिससे बाहरी जोखिम बहुत बढ़ गए हैं। सभी चीनी नागरिकों को तत्काल ईरान आने से बचने और मौजूद लोगों को सुरक्षित निकलने की हिदायत दी गई है। दूतावास और वाणिज्य दूतावास सक्रिय रूप से सहायता कर रहे हैं।
कनाडा ने भी अपने सभी नागरिकों से जल्दबाजी में ईरान छोड़ने को कहा है। इलाके में तनाव चरम पर है और बिना चेतावनी के युद्ध छिड़ सकता है। सरकार ने दस्तावेज अपडेट रखने और आवश्यक सामान ले जाने की सलाह दी है।
पोलैंड, स्वीडन, भारत समेत अन्य देशों ने भी अपनी जनता को ईरान से लौटने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर, इजरायल के लिए अमेरिकी दूतावास ने यरूशलम के कुछ हिस्सों में अधिकारियों के लिए यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं, आतंकी घटनाओं का हवाला देते हुए।
ये कदम क्षेत्रीय अस्थिरता की गहरी आशंका को दर्शाते हैं, जहां कूटनीति नाकाम होने पर आम लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि हो गई है।