
मुंबई, 27 फरवरी। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों को फर्जी सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) नोटिस और ‘अकाउंट हैंडलिंग’ सेवाओं के नाम पर हो रही ठगी के खिलाफ सतर्क रहने की सलाह दी है।
ठगों द्वारा सेबी के नकली लेटरहेड, लोगो और मुहरों वाले नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिनमें बकाया एसटीटी के नाम पर पैसे मांगने का दावा किया जाता है। ये नोटिस सेबी अधिनियम 1992 का हवाला देकर डराने का काम करते हैं।
सेबी ने अलग से चेतावनी जारी कर कहा कि कुछ लोग खुद को पीएमएस प्रदाता या एक्सपर्ट फंड मैनेजर बताकर डीमैट खातों पर बिना जोखिम के मुनाफा देने का लालच देते हैं। वे अन्य निवेशकों के नाम से फर्जी ट्रेड दिखाकर लोगों को फंसाते हैं।
नियामक ने स्पष्ट किया कि एसटीटी हर ट्रेड पर ब्रोकर द्वारा वित्त अधिनियम 2004 के तहत स्वतः वसूला जाता है। सेबी इस संबंध में कोई मांग पत्र जारी नहीं करता।
निवेशकों को सलाह है कि सेबी के नाम से आने वाले किसी भी पत्र या संदेश की जांच करें। आधिकारिक ईमेल केवल @sebi.gov.in से समाप्त होते हैं। प्रवर्तन संबंधी सभी जानकारियां वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। भुगतान केवल अधिकृत गेटवे से करें।
ठग सेबी अधिकारियों और कार्यालयों की नकल कर संपर्क कर रहे हैं। केवल पंजीकृत मध्यस्थों से लेन-देन करें और पंजीकरण की पुष्टि वेबसाइट से करें।
हाल ही में शुरू ‘सेबी चेक’ सुविधा से क्यूआर कोड स्कैन या बैंक डिटेल्स डालकर मध्यस्थों की यूपीआई या खाते की वैधता जांच सकते हैं।
सेबी की यह चेतावनी निवेशकों को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार है।