
फिल्म जगत में संवेदनशील मुद्दों को सनसनीखेज तरीके से पेश करने का चलन आम है, लेकिन ‘एक्यूज्ड’ ने एक अलग रास्ता अपनाया है। नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई इस फिल्म के निर्देशक अनुभूति कश्यप ने खुलासा किया कि कहानी को सहज और विचारोत्तेजक बनाने के लिए जानबूझकर कई सवाल अनुत्तरित छोड़े गए।
कोंकणा सेन शर्मा और प्रतीक गांधी की शानदार अदाकारी के साथ फिल्म यौन उत्पीड़न के आरोपों से जूझती एक महिला की कहानी बयान करती है। अनुभूति ने बताया, ‘हमें विवाद पैदा करने की बजाय दर्शकों को सोचने का मौका देना था। इसलिए हर सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दिया।’
स्क्रिप्ट तैयार करते समय टीम ने संतुलन पर जोर दिया। कुछ दृश्य असहज कर सकते हैं, लेकिन वे वास्तविकता के करीब हैं। अनुभूति का मानना है कि सिनेमा सवाल उठाने का माध्यम भी है। अनुराग कश्यप की बहन होने के नाते उन पर अतिरिक्त जिम्मेदारी थी।
फिल्म की सफलता इस बात की गवाही देती है कि जिम्मेदार फिल्ममेकिंग प्रभावशाली होती है। अनुभूति ने कहा, ऐसे विषयों पर काम चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सही तरीके से किया जाए तो गहरा प्रभाव पड़ता है। ‘एक्यूज्ड’ दर्शकों को अपनी राय बनाने के लिए प्रेरित करती है।