
लंदन से बोलते हुए बलूच स्वतंत्रता समर्थक हिर्बेयर मर्री ने पाकिस्तान के अफगानिस्तान पर हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने काबुल के प्रति अपनी एकजुटता दोहराते हुए कहा कि बलूच हमेशा से अफगान भाइयों के साथ खड़े रहे हैं।
शुक्रवार को जारी बयान में मर्री ने पाकिस्तान की जवाबी सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाए। अफगान रक्षा मंत्रालय के दावे के अनुसार, सीमा पर अफगान सेना ने 55 पाक सैनिकों को मार गिराया और 19 पोस्ट व दो बेस पर कब्जा किया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने हवाई हमले किए।
मर्री ने बलूच और पश्तून लोगों की बेरहमी से हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान रमजान के दौरान हमला करता है और फिर अफगानों को मुसलमान होने पर सवाल उठाता है। उन्होंने याद दिलाया कि 22 फरवरी को रमजान के पांचवें दिन पाकिस्तान ने खुद अफगानिस्तान में हमला किया था।
एक्स पर पोस्ट में मर्री ने पंजाब की ऐतिहासिक भूमिका पर चोट की। ‘आठ सौ सालों तक आक्रमणकारियों की सेवा करने वाली पंजाबी भूमि अब इस्लाम की रक्षा का दावा करती है, लेकिन बलूच-पश्तून हत्याओं का क्या?’
अफगान विदेश मंत्री के भारत दौरे से पाकिस्तान बौखलाया, काबुल को प्रॉक्सी कहा। मर्री बोले, अफगानिस्तान स्वतंत्र देश है, अपनी विदेश नीति खुद बनाएगा।
‘पाकिस्तान दशकों से विदेशी आकाओं की भक्ति करता फिरा, अब मुस्लिम रक्षक बनता है।’ सदियों पुराने दोस्ती नाते अफगानिस्तान के साथ खड़े होने का ऐलान किया मर्री ने।
यह विवाद क्षेत्रीय तनाव को और गहराा रहा है।