
पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में कल्याणी जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल के हॉस्टल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां फाइनल ईयर के मेडिकल छात्र पुलक हलदर का सड़ा-गला शव उनके कमरे से बरामद हुआ। परिवार के लोग इसे हत्या बता रहे हैं और चोटों के निशान देखकर बेहद आहत हैं।
पिता सुधांशु हलदर ने बताया कि बेटे के चेहरे व पेट पर कई चोटें व कट के निशान हैं। ‘यह प्राकृतिक मौत कतई नहीं है। हम निष्पक्ष जांच चाहते हैं, जैसी आरजी कर जूनियर डॉक्टर मामले में नहीं हुई।’ परिवार का डर जायज है।
पुलक को आखिरी बार 20 फरवरी को कैंटीन जाते देखा गया। उसके बाद कोई सुराग नहीं। 26 फरवरी को बदबू से कमरा खोला गया तो शव मिला। परिवार से आखिरी बात भी उसी दिन हुई।
रिश्तेदार उत्तम मंडल ने कहा, ‘पुलक मेधावी व विनम्र था। चोटें हमले की ओर इशारा करती हैं। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।’
परिवार का दावा है कि आरजी कर विरोध के दौरान छात्रों ने धमकाया था और कॉलेज में परेशानियां झेल रहा था। पुलिस ने पोस्टमार्टम शुक्रवार को निर्धारित किया है।
यह मामला बंगाल के मेडिकल संस्थानों में सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। उम्मीद है न्याय मिलेगा।