
नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति भवन परिसर में एक मार्मिक क्षण देखने को मिला जब उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भारत रत्न नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की। समाज सुधारक और राष्ट्र ऋषि के रूप में विख्यात नानाजी का यह स्मरण समस्त राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
एक्स पर पोस्ट करते हुए उपराष्ट्रपति ने लिखा कि नानाजी अंत्योदय के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए उत्सर्ग कर दिया। इमरजेंसी काल में जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही, जिसने लोकतंत्र को मजबूत आधार प्रदान किया।
ग्रामीण विकास, सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी निष्ठा हमेशा स्मरणीय रहेगी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि नानाजी ने ग्रामीण भारत के उत्थान, शिक्षा प्रसार और आत्मनिर्भर समाज गढ़ने में जीवन समर्पित किया।
जी किशन रेड्डी ने आरएसएस प्रचारक नानाजी के ग्रामीण स्वावलंबन के विजन की सराहना की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके निस्वार्थ सेवा और ग्रामोदय से राष्ट्रोदय के दर्शन पर जोर दिया।
नानाजी का जीवन सादगी, सेवा और अंतिम व्यक्ति के उत्थान का प्रतीक है। उनका योगदान आज भी हमें राष्ट्र सेवा के पथ पर प्रेरित कर रहा है।