
चंडीगढ़ शहर में एक बार फिर भय का माहौल पैदा हो गया है। पंजाब सचिवालय के साथ-साथ चार प्रमुख निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल प्राप्त हुई हैं। इन धमकियों में स्कूलों को दोपहर एक बजे और सचिवालय को तीन बजकर 11 मिनट पर विस्फोट की चेतावनी दी गई है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को भेजे गए इन ईमेल के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। फायर ब्रिगेड, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें सचिवालय पहुंचीं। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी ली गई। राहत की बात यह रही कि कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
यह पहला मामला नहीं है। आठ दिन पहले 19 फरवरी को भी इसी सचिवालय को सेक्टर-9 से बम धमकी मिली थी, जिसके बाद व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया था।
देशभर में ऐसी धमकियां आम हो चुकी हैं। नोएडा के दर्जन भर स्कूलों को 19 फरवरी को समान ईमेल मिले। भोपाल की एक यूनिवर्सिटी को धमकी के बाद पूरा कैंपस खाली कराना पड़ा। 17 फरवरी को जौनपुर और जोधपुर हाईकोर्ट को बम अलर्ट, वहीं उत्तराखंड के रामनगर-नैनीताल कोर्ट्स में जज चैंबरों में आरडीएक्स बम होने का दावा किया गया—जांच में सब फर्जी साबित हुआ।
एजेंसियां इन साइबर धमकियों की जांच में जुटी हैं, जो विदेशी आईपी से आ रही हैं। इनसे संसाधनों की बर्बादी और जनता में भय बढ़ रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन सतर्कता बरत रहा है, लेकिन सख्त साइबर कानूनों की जरूरत साफ है।