
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने मतदाता सूची में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कोलकाता में जोरदार विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभंकर सरकार ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के सामने दोपहर दो बजे से 24 घंटे का धरना शुरू करने की घोषणा की।
सरकार ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया चार नवंबर से चल रही है, जिसमें वास्तविक मतदाताओं को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि बड़े स्तर पर नाम काटे जाने का खतरा मंडरा रहा है। एक करोड़ से ज्यादा मतदाताओं की ‘तार्किक विसंगतियों’ के आधार पर सुनवाई हुई, जिसकी कानूनी वैधता संदिग्ध है।
चुनाव आयोग के कुछ फैसलों पर अदालतों को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा। कांग्रेस की मांगों में 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी करना, तार्किक विसंगति के नाम पर कोई वास्तविक मतदाता नाम न हटाना, पंजीकरण अधिकारियों की शक्तियों को बरकरार रखना शामिल है।
इसके साथ फॉर्म 6, 7 और 8 के सभी आवेदनों का उचित सुनवाई से निपटारा और गलत हटाए गए मतदाताओं के लिए नया कार्यक्रम व स्पष्ट दिशानिर्देश दिए जाएं, जिन्हें नामांकन से पहले पूरा हो। कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को ओडिशा व झारखंड हाईकोर्ट से 100-100 न्यायिक अधिकारियों की मांग की है।
यह आंदोलन चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस इसे तेज करने का वादा कर रही है।