
ढाका की अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भतीजी और ब्रिटेन की लेबर पार्टी सांसद ट्यूलिप रिजवाना सिद्दीक के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को ढाका मेट्रोपॉलिटन सीनियर स्पेशल जज सब्बीर फैज ने अधिकारियों को इंटरपोल से रेड नोटिस जारी करने की मांग करने का निर्देश दिया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ी है, जिसमें ट्यूलिप पर हसीना के प्रभाव का दुरुपयोग कर ढाका के गुलशन में एक फ्लैट अवैध रूप से कब्जाने का इल्जाम है।
एंटी-करप्शन कमीशन (एसीसी) की अपील पर यह फैसला आया, जिसमें सहायक निदेशक एकेएम मुर्तजा अली सागर ने विस्तृत सबूत पेश किए। आरोप है कि ट्यूलिप ने राजधानी विकास प्राधिकरण (आरएजेयूके) के अधिकारी को दबाव में लेकर ईस्टर्न हाउसिंग लिमिटेड का फ्लैट बिना भुगतान हासिल किया। चूंकि ट्यूलिप विदेश में हैं, रेड नोटिस उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करेगा।
यह घटनाक्रम नई बीएनपी सरकार की अवामी लीग के खिलाफ मुहिम को दर्शाता है। हाल ही में पूर्वाचल प्लॉट घोटाले में हसीना को 10 वर्ष, ट्यूलिप को चार वर्ष की सजा हुई। दिसंबर 2025 में प्लॉट वितरण में अनियमितता के लिए हसीना पांच, ट्यूलिप दो वर्ष की कैद पा चुकी हैं। नवंबर 2024 में तीन मामलों में हसीना को 21 वर्ष की सजा मिली।
हसीना परिवार ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि यूनुस सरकार के अधीन एसीसी पक्षपाती है और बचाव का अवसर नहीं देती। बांग्लादेश के राजनीतिक परिदृश्य में यह नया मोड़ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रहा है, जहां ट्यूलिप की ब्रिटिश राजनीतिक करियर पर संकट मंडरा रहा है। विशेषज्ञ इसे न्याय और बदले के बीच की जंग मानते हैं।