
तमिलनाडु में प्राइवेट दूध कंपनियों ने उत्पादन में कमी और किसानों से दूध खरीद की बढ़ती लागत का जिक्र करते हुए खुदरा दूध की कीमतें 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी हैं। प्रमुख ब्रांडों के लिए यह बदलाव पहले ही लागू हो चुका है, जिससे घरेलू बजट पर बोझ बढ़ेगा और डेयरी उत्पादों पर आश्रित छोटे कारोबार प्रभावित होंगे।
अरोक्या 21 फरवरी को नई दरें लागू करने वाली पहली कंपनियों में शुमार रही, जहां दूध और दही दोनों के दाम ऊंचे हो गए। उसके पीछे डोडला व जर्सी जैसे बड़े निजी खिलाड़ियों ने कदम मिलाया। अब फुल क्रीम दूध 78 रुपये लीटर, स्पेशल टी दूध 70 रुपये, स्टैंडर्ड दूध 68 रुपये, टोंड दूध 62 रुपये और डबल टोंड दूध 50 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
दही के दामों में भी इजाफा हुआ है। एक किलो का पैक 76 रुपये, 450 ग्राम का 40 रुपये और डबल टोंड दही 72 रुपये किलो हो गया। इस बढ़ोतरी से उपभोक्ता सरकारी कोऑपरेटिव आविन की ओर रुख कर रहे हैं, जो प्राइवेट ब्रांड से करीब 18 रुपये लीटर सस्ता बेच रहा है। आधा लीटर में 10 रुपये का फर्क है।
आविन की मांग चरम पर है, कई दुकानों पर स्टॉक खत्म हो रहा है और सप्लाई आते ही बिक जाता है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में दूध उत्पादन घटने से प्राइवेट डेयरियों को किसानों को अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं। तमिलनाडु मिल्क एजेंट्स वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष पोन्नुसामी ने बताया कि खरीद दरें बढ़ाने के बाद खुदरा मूल्य समायोजित किए गए।
उन्होंने आविन पर उत्पादन बढ़ाने में कोताही का आरोप लगाया और चेताया कि गर्मी से पहले ही उत्पादन कम हो गया है, आगे स्थिति बिगड़ सकती है। साथ ही, प्राइवेट कंपनियों से एजेंटों का कमीशन बढ़ाने की अपील की।