
रांची। झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की चार्टर्ड एयर एम्बुलेंस सेवा पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। हाल के हवाई हादसे के बाद योजना की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं, जहां एक मरीज को 30 प्रतिशत से अधिक बर्न इंजरी बताकर सब्सिडी से वंचित किया गया, लेकिन ऊंचे किराए पर दिल्ली ले जाने की अनुमति दे दी गई।
मरांडी ने कहा कि ऐसी मनमानी से जरूरतमंदों का शोषण हो रहा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि 30 प्रतिशत बर्न पर सब्सिडी का नियम किस आधार पर बना? विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह ली गई या नहीं? अगर अधिक बर्न में यात्रा खतरनाक है, तो ज्यादा पैसे लेकर इजाजत कैसे?
28 अप्रैल 2023 से चल रही इस सेवा के लिए 10 करोड़ का बजट है, फिर भी फायदा सीमित लोगों को ही मिला। मरांडी ने कंपनी के खिलाफ एफआईआर, ब्लैकलिस्टिंग और किराया समीक्षा की मांग की। यह विवाद स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता की जरूरत को रेखांकित करता है।