
नई दिल्ली में आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले ने नया मोड़ ले लिया है। प्रवर्तन निदेशालय को पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी मिल गई है। यह अनुमति 10 फरवरी 2026 को सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त हुई, जिसे तुरंत राउज एवेन्यू की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश कर दिया गया।
यह मामला 2017 में सीबीआई की एफआईआर से शुरू हुआ, जिसमें धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के उल्लंघन के आरोप लगाए गए। आईएनएक्स मीडिया और संबंधित कंपनियों पर विदेशी निवेश मंजूरी के बदले रिश्वत लेने का इल्जाम है, जो चिदंबरम के वित्त मंत्री रहते दी गई थी।
कार्ति चिदंबरम से जुड़ी फर्मों के जरिए कथित कमाई को कई परतों से लपेटा गया—कंपनियों में घुमाया, शेयर खरीदे, संपत्तियां अधिग्रहित कीं। ईडी ने कुल 65.88 करोड़ की अवैध आय का आंकड़ा लगाया है, जिसमें पहले कुर्की की गई रकमें शामिल हैं।
पहली शिकायत 2020 में दाखिल हुई, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया। उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले के अनुपालन में यह मंजूरी ली गई। अब मुकदमा तेजी से आगे बढ़ेगा, जो राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रहा है।
यह केस वित्तीय पारदर्शिता की महत्ता रेखांकित करता है। विशेष अदालत में सुनवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर रुख का संदेश मिलेगा।