
पाकिस्तान में सियासी तनाव चरम पर है। जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख नेताओं ने चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी को खत लिखकर इमरान खान के लिए तत्काल न्याय की गुहार लगाई है। जियो न्यूज सहित मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खत में खान की मेडिकल सुविधाओं और कानूनी मदद में बाधाओं पर गहरी चिंता जताई गई है।
डॉ. यास्मीन राशिद, एजाज चौधरी, उमर सरफराज चीमा और महमूद-उर-रशीद जैसे नेताओं ने वकील शाह महमूद कुरैशी के जरिए यह पत्र भेजा। उन्होंने आरोप लगाया कि अगस्त 2023 से जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री को निजी डॉक्टर से मिलने, परिवार और वकीलों से संपर्क की इजाजत नहीं दी जा रही।
यह अपील तब आई जब इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) में खान को आंख का दूसरा इंजेक्शन लगा। सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (सीआरवीओ) से जूझ रहे खान की दाहिनी आंख में 85 फीसदी रोशनी चली गई है, जैसा सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट में दर्ज है।
नेताओं ने 2019 में नवाज शरीफ के इलाज का हवाला दिया। कम प्लेटलेट काउंट पर उन्हें सर्विसेज हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया, जहां उनके निजी डॉक्टर डॉ. अदनान मेडिकल बोर्ड में शामिल हुए। परिवार-वकीलों को खुली छूट मिली और दिल की बीमारी के लिए इंग्लैंड जाने की अनुमति दी गई।
वहीं, मौजूदा सरकार पर बीमारी से इनकार कर बाद में आनाकानी से स्वीकार करने का आरोप है। पीटीआई का कहना है कि सियासी हथकंडों से नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश हो रही है, जबकि जनादेश की कमी साफ है।
चीफ जस्टिस से मांग है कि खान को कानूनी हक मिले- निजी चिकित्सक, वकील और परिवार से मिलने की। यह मामला पाकिस्तानी न्यायपालिका की स्वतंत्रता की कसौटी बन गया है।