
बेंगलुरु के अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में सोशल मीडिया पोस्ट से उपजा विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। ‘स्पार्क रीडिंग सर्कल’ इंस्टाग्राम पेज द्वारा कुनान-पोशपोरा घटना पर ‘प्री-कश्मीर’ शीर्षक से चर्चा के दावे वाले पोस्ट के खिलाफ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध किया। विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार की शिकायत पर सरजापुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं था और उक्त पेज से उसका कोई लेना-देना नहीं है। पोस्ट ने संस्थान की छवि को ठेस पहुंचाई और भ्रम फैलाया। एबीवीपी सदस्यों ने परिसर में घुसकर हंगामा किया, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, जिसके लिए उन्हें जमानती धाराओं में गिरफ्तार किया गया।
हैरानी की बात यह है कि शांतिपूर्ण सभा करने वाले छात्रों पर धारा 299 के तहत गैर-जमानती अपराध का मुकदमा चला है। एबीवीपी का कहना है कि अनधिकृत आयोजन विश्वविद्यालय नियमों का उल्लंघन है, इसे आंतरिक समितियों से निपटना चाहिए न कि एफआईआर से। छात्र बौद्धिक स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं।
यह घटना परिसरों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रशासनिक नियंत्रण के बीच टकराव को उजागर करती है। जांच जारी है, लेकिन छात्र प्रशासन से एफआईआर वापस लेने की मांग कर रहे हैं ताकि खुली चर्चा का माहौल बरकरार रहे।