
नई दिल्ली में गुरुवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। गोयल ने इसे ‘बहुत ही सार्थक चर्चा’ करार दिया, जो दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित रही।
एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए गोयल ने बताया कि उन्होंने इन अमेरिकी अधिकारियों की मेजबानी की और द्विपक्षीय साझेदारी को गहरा करने पर विचार-विमर्श किया। चर्चा का मुख्य मुद्दा सहयोग के नए क्षेत्र खोजना था।
राजदूत गोर ने भी बैठक को उत्पादक बताया और कहा कि भारत-अमेरिका के लिए कई संभावनाएं उपलब्ध हैं। यह मुलाकात तब हुई जब भारत वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति सशक्त बनाने पर ध्यान दे रहा है।
सरकार कारोबारियों को अधिक बाजार उपलब्ध कराने और वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने पर बल दे रही है। गोयल ने पूर्व में बताया कि भारत ने 38 देशों के साथ 9 मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार के दो-तिहाई हिस्से तक पहुंच मिली है।
इनसे भारतीय वस्तुओं, सेवाओं, कृषि-मत्स्य उत्पादों को नए अवसर मिले हैं और प्रतिभा का प्रवास सुगम हुआ है। आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य वैश्विक एकीकरण से मजबूत चेन बनाना है, न कि अलगाव।
गोयल ने उद्योगपतियों से अपील की है कि वैश्विक मौके एमएसएमई, किसानों और निर्यातकों तक पहुंचें। मुंबई में हाल की पुरस्कार सभा में उन्होंने युवाओं को 2047 के विकसित भारत का नेतृत्वकर्ता बताया।
फरवरी में प्रारंभिक समझौता हुआ था, जिसमें अमेरिकी टैरिफ 50 से 18 प्रतिशत घटाने और भारत द्वारा 500 अरब डॉलर के आयात का वादा शामिल था। अमेरिकी अदालत के फैसले से स्थिति बदली, लेकिन भारत प्रतिबद्ध है।
विशेषज्ञों का आकलन है कि भारत भविष्य के जोखिमों से बचाव करेगा और आर्थिक संतुलन बनाए रखेगा। ट्रंप के संकेत से व्यापार वार्ता नई दिशा ले सकती है।