
रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन गुरुवार को आदिवासियों की जमीनों के अवैध हस्तांतरण और ट्राइबल सब प्लान (टीएसपी) फंड के दुरुपयोग का मुद्दा गरमाया। विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों ने मिलकर सरकार से जवाब मांगा।
कांग्रेस विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने सदन में कहा कि राज्य में जमीनों का गैरकानूनी हस्तांतरण बढ़ रहा है, जो आदिवासी आबादी के अनुपात को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका असर राजनीतिक, भाषाई और सांस्कृतिक ढांचे पर पड़ रहा है। रांची पहले अनुसूचित क्षेत्र था, अब अवैध निर्माणों से इसका स्वरूप बदल गया है। बिना नक्शा स्वीकृति के इमारतें खड़ी हो रही हैं।
राजस्व मंत्री दीपक बिरूआ ने जवाब दिया कि छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम का पालन कराया जा रहा है। गलत हस्तांतरण पर जमीन वापसी की कार्रवाई होती है। अवैध नक्शों की जांच होगी। लेकिन उन्होंने माना कि पूर्ण आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, रिपोर्ट मंगाई जाएगी।
मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि कानून कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। खिजरी के राजेश कच्छप ने टीएसपी फंड विचलन पर सवाल उठाए। मंत्री चमरा लिंडा ने बताया कि केंद्र से फंड आबादी आधारित आता है, लेकिन उपयोग की स्पष्ट नीति नहीं है। जल्द दिशानिर्देश बनेंगे।
सभापति ने अन्य राज्यों के मॉडल अध्ययन का सुझाव दिया। यह चर्चा झारखंड में आदिवासी हितों की अनदेखी को उजागर करती है। सरकार के वादों पर अमल से ही विश्वास बहाल होगा।