
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन गुरुवार को हंगामे और बहस से भरा रहा। सत्र शुरू होते ही प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर जनता को भ्रमित करने का गंभीर आरोप लगाया। जेलों में हो रही अस्वाभाविक मौतों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सदन को हिला दिया।
बघेल ने 31 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक राज्य की जेलों में हुई अस्वाभाविक मौतों का ब्यौरा मांगा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस दौरान 66 कैदियों की मौत हुई। इनमें 18 मामलों की मजिस्ट्रेट जांच पूरी हो चुकी है, बाकी 48 पर कार्यवाही जारी है।
पूर्व सीएम ने मृतकों के नाम और विस्तृत जानकारी की मांग की। शर्मा ने आश्वासन दिया। बघेल ने कवर्धा के पंकज साहू और कांकेर के जीवन ठाकुर के केसों को विशेष रूप से उजागर किया। उन्होंने कहा कि जीवन ठाकुर को फर्जी मुकदमे में फंसाया गया। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
शर्मा ने स्पष्ट किया कि ठाकुर की गिरफ्तारी सबूतों पर आधारित थी। वे 12 अक्टूबर 2025 को कांकेर जेल आए और 13 से 17 अक्टूबर तक अस्पताल में रहे, जहां परिजन मिले। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और गुरु खुशवंत साहेब ने भी सवालों के जवाब दिए।
बुधवार को भी सदन में विपक्ष ने हंगामा किया था। सरकार पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाया जा रहा है। बजट सत्र में जनमुद्दों पर तीखी नोकझोंक जारी है, जो राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।