
नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) ने दो लापता नाबालिग बच्चों को विभिन्न इलाकों से खोज निकालकर उनके परिजनों के हवाले कर दिया। परिजनों ने पुलिस का हार्दिक धन्यवाद दिया और खुशी का इजहार किया।
पहले मामले में 24 नवंबर 2025 को गाजीपुर थाने में 13 वर्षीय लड़की के लापता होने की शिकायत दर्ज हुई। मामले की गंभीरता को भांपते हुए इसे एएचटीयू को सौंपा गया। एसीपी सुरेश कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर मुकेश कुमार और सब-इंस्पेक्टर विशाल गुप्ता की टीम ने माता-पिता से पूछताछ की और इलाके में सर्विलांस का सहारा लिया। जांच से पता चला कि लड़की सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने के कारण 부모 के डांटने से नाराज होकर घर से भाग गई थी। टीम ने उसे पहाड़गंज से सकुशल बरामद कर लिया।
दूसरे केस में 24 फरवरी को रानहोला थाने में 16 वर्षीय लड़के के गायब होने की रिपोर्ट आई। आठवीं कक्षा का यह छात्र मजदूर पिता और गृहिणी मां के सात भाई-बहनों वाले परिवार से है। इंस्पेक्टर मनोज दहिया, हेड कांस्टेबल अजीत और कांस्टेबल अशोक कुमार ने परिजनों व दोस्तों से जानकारी जुटाई। पता चला कि ट्यूशन के बाद वह सहपाठी के घर रुक गया था। टीम ने श्याम विहार से उसे ढूंढ निकाला।
ये सफलताएं पुलिस की तत्परता और समुदाय के सहयोग को दर्शाती हैं। अभिभावकों को बच्चों के डिजिटल उपयोग पर नजर रखने की सलाह दी गई है।