
बिहार के अररिया में गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट संकल्प जताया कि भारत की धरती से एक-एक घुसपैठिए को खोजकर बाहर किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कोई चुनावी जुमला नहीं, बल्कि मोदी सरकार का अटल निश्चय है। अब यह वादा नहीं, बल्कि कदम उठाने का समय आ गया है।
सीमा आउट पोस्ट ‘लेटी’ और ‘इंदरवा’ का उद्घाटन करने के साथ ही एसएसबी के कई प्रोजेक्ट्स का ई-लोकार्पण करते हुए शाह ने भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना का जिक्र किया। 556 किलोमीटर लंबी इस सड़क के 18 में से 14 खंड पूरे हो चुके हैं। बाकी चार भी शीघ्र तैयार होंगे। इससे न केवल निगरानी मजबूत होगी, बल्कि सीमावासियों को बेहतर सुविधाएं और विकास योजनाओं का लाभ भी मिलेगा।
एसएसबी की तारीफ करते हुए शाह ने कहा कि मित्र राष्ट्र नेपाल सीमा की रक्षा का दायित्व ये निभा रहे हैं। लेकिन सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि देश के शत्रु इसी रास्ते से घुसपैठ कर सकते हैं। जवानों को अपनी खुफिया तंत्र मजबूत रखना होगा और सीमांत ग्रामीणों से घनिष्ठ संबंध बनाए रखने होंगे। तभी सटीक जानकारी हासिल हो सकेगी।
शाह ने घोषणा की कि सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में सारे अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। घुसपैठियों की सूची तैयार कर उन्हें देश से बाहर करने का सिलसिला शुरू होगा। बंगाल, झारखंड व बिहार जनसांख्यिकीय बदलावों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बंगाल में चुनाव चल रहे हैं, वहां भाजपा सरकार बनेगी और पहला काम सीमा बाड़ लगाना व घुसपैठियों को भगाना होगा।
सीमांचल की जनता से अपील करते हुए शाह बोले, आज मैं आपसे वादा दिलाना चाहता हूं। आपका सहयोग चाहिए। ये घुसपैठिए चुनाव तो प्रभावित करते ही हैं, गरीबों का राशन छीनते हैं, युवाओं के रोजगार पर असर डालते हैं और देश की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। सीमांचल में यह मुहिम जल्द शुरू हो जाएगी।