
क्या आप जानते हैं कि आपकी लंबाई दिन भर बदलती रहती है? पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण की वजह से हम रोज 1-2 सेंटीमीटर छोटे हो जाते हैं। लेकिन अंतरिक्ष में यह प्रभाव उलट जाता है, और एस्ट्रोनॉट्स की हाइट काफी बढ़ जाती है।
नासा के मुताबिक, माइक्रोग्रैविटी में रीढ़ की हड्डी के डिस्क फैल जाते हैं, जिससे औसतन 3 प्रतिशत तक लंबाई बढ़ोतरी होती है। यह खासकर पहले कुछ दिनों में ज्यादा दिखती है।
पृथ्वी पर लगातार दबाव से डिस्क संकुचित रहते हैं, लेकिन स्पेस में बिना दबाव के वे फूल जाते हैं। इससे कंधे ऊपर चले जाते हैं और बॉडी पॉश्चर बदल जाता है।
उदाहरण के तौर पर, मिशन एक्स की एस्ट्रोनॉट केट रूबिन्स की धरती पर हाइट 171 सेमी थी, जो स्पेस में 174.4 सेमी हो गई। वापसी पर यह सामान्य हो गई।
नासा के विशेषज्ञ माइक बैरेट और सुधाकर राजुलु ने वीडियो में इन बदलावों को विस्तार से बताया। उन्होंने छात्रों के लिए ‘व्हाट योर स्पेस हाइट?’ एक्टिविटी शुरू की, जिसमें सुबह की हाइट, पैर और हाथों के माप लिए जाते हैं।
यह एंथ्रोपोमेट्री से जुड़ा विज्ञान है, जो स्पेसक्राफ्ट, सूट और आईएसएस के डिजाइन में मदद करता है। स्पेस में ऊंचाई बढ़ने से ऊपरी चीजें आसानी से पकड़ में आती हैं, लेकिन डिजाइन पहले से सटीक होना चाहिए।
एस्ट्रोनॉट्स पैरों को स्टैंड में फंसाकर स्थिर रहते हैं। लॉन्च और रिटर्न पर हाइट अलग होने से एडजस्टेबल फीचर्स जरूरी हैं। ये तथ्य स्पेस ट्रैवल की चुनौतियों को रेखांकित करते हैं।