
मुंबई। देश की शीर्ष आईटी कंपनी टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन ने एआई को लेकर आईटी क्षेत्र की चिंताओं को खारिज करते हुए कर्मचारियों को इसका खुलकर उपयोग करने का निर्देश दिया है। नासकॉम टेक्नोलॉजी एंड लीडरशिप फोरम में उन्होंने कहा कि यदि कोई कार्य एआई से तेज, बेहतर और सस्ता हो सकता है, तो उसे अपनाएं और ग्राहकों को सूचित करें, भले ही इससे अल्पकालिक आय प्रभावित हो।
आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट के बीच यह बयान महत्वपूर्ण है। पिछले एक माह में निफ्टी आईटी इंडेक्स 20 प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क चुका है। टीसीएस के शेयर 16 प्रतिशत, इंफोसिस के 23 प्रतिशत से अधिक, विप्रो के 14 प्रतिशत से ज्यादा, कोफोर्ज के 27 प्रतिशत और टेक महिंद्रा के 22 प्रतिशत गिरे हैं। एंथ्रोपिक जैसे एआई उपकरणों ने कंपनियों की नींद उड़ा रखी है।
कृतिवासन ने स्पष्ट कहा, “हमें डर नहीं कि एआई नौकरियां छीन लेगा। यह नए अवसर पैदा करेगा। जितना अधिक उपयोग करेंगे, उतना ही फायदा होगा।” दूसरी ओर, एआई फर्म्स आईटी दिग्गजों से हाथ मिला रही हैं। एंथ्रोपिक ने इंफोसिस के साथ और ओपनएआई ने टीसीएस के साथ साझेदारी की है।
टीसीएस का यह रुख आईटी उद्योग को नई दिशा दे सकता है। एआई को चुनौती नहीं, बल्कि संभावना मानकर आगे बढ़ने से कंपनियां मजबूत होंगी।